Monday, 2 July 2012

वर्षायोग - 2012

परम पूज्य चारित्र-चक्रवर्ती, मुनि कुंजर, समाधी-सम्राट, आचार्य श्री आदिसागर जी महाराज (अंकलीकर) की सुविशुद्ध परंपरा के वर्तमान उत्तराधिकारी परम पूज्य विद्या-वाचस्पति, शब्द शिल्पी, आकिंचन-श्रमनेश्वर, जिनशासन-प्रदीप, आचार्य श्री १०८ सुविधिसागर जी महाराज संघ सहित औरंगाबाद के बालाजी नगर में विराजमान है.
बालाजी नगर में ही वर्षायोग स्थापन विधि 3 जुलाई शाम 6 बजे होगी.

वर्षायोग में आकर अनुयोगों का श्रवण करें.